
चलो आज चांदनी रातों की बातें करें
बिन तेरे बीती उन रातों की बातें करें
कभी साहिल किनारे थाम लूँगा तेरे हाँथ
मुमकिन से नही उन खयालो की बातें करें
मेरी नजरो में तेरा चेहरा जब तैरता हो
झील में खिलते एक कँवल की बातें करें
मेरे हर नज़ारे की शक्ल में जो बस गया
महकते तेरे अहसास के झोको की बातें करे
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